दीपावली 2026: लक्ष्मी पूजा मुहूर्त, विधि और शुभ मंत्र

हिंदू धर्म में दीपावली (Diwali) का त्योहार सुख, समृद्धि और प्रकाश का प्रतीक माना जाता है। कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाने वाला यह महापर्व माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की कृपा पाने का सबसे विशेष दिन है। वर्ष 2026 में दिवाली पर महालक्ष्मी की पूजा किस शुभ समय पर करें, पूजा की सही विधि क्या है और किन मंत्रों के जाप से घर में बरकत आती है, आइए विस्तार से जानते हैं।


1. लक्ष्मी पूजा शुभ मुहूर्त 2026

शास्त्रों के अनुसार, दीपावली की पूजा हमेशा प्रदोष काल और वृषभ काल (स्थिर लग्न) में करना सर्वोत्तम माना जाता है, ताकि माता लक्ष्मी घर में स्थिर रूप से निवास करें।

🕉️ मुख्य पूजा मुहूर्त (प्रदोष काल)

2. दिवाली लक्ष्मी पूजा की संपूर्ण विधि

माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए प्रदोष काल में इस विधि से पूजा अर्चना करें:

  1. तैयारी और शुद्धि: पूजा स्थान को साफ करके गंगाजल छिड़कें। स्वयं साफ वस्त्र (पीले या लाल) धारण करें और पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठें।
  2. चौकी की स्थापना: एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं। उस पर अक्षत (चावल) का अष्टदल कमल बनाएं और माता लक्ष्मी व भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करें। (ध्यान रहे, लक्ष्मी जी गणेश जी के दाहिनी ओर होनी चाहिए)।
  3. कलश स्थापना: चौकी के पास एक तांबे या मिट्टी के कलश में जल, सिक्का, सुपारी और दूर्वा डालकर उस पर आम के पत्ते और नारियल रखकर स्थापित करें।
  4. पूजा प्रारंभ: सबसे पहले भगवान गणेश, कलश देव और नवग्रहों का ध्यान करें। इसके बाद माता लक्ष्मी को रोली, चंदन, अक्षत, फूल और माला अर्पित करें।
  5. विशेष वस्तुएं अर्पित करें: महालक्ष्मी को कमल का फूल, कौड़ियां, कमल गट्टा, धनिया और खील-बताशे अत्यंत प्रिय हैं, इन्हें अवश्य चढ़ाएं।
  6. दीप प्रज्वलन: मुख्य चौमुखी दीपक (घी या तिल का तेल) जलाएं और घर के कोने-कोने में रखने वाले दीयों का पूजन करें।
  7. आरती और प्रसाद: अंत में गणेश जी और माता लक्ष्मी की आरती गाएं, भोग (मिठाई, फल, खीर) लगाएं और परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद बांटें।

3. मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के शुभ मंत्र

पूजा के समय या उसके बाद स्फटिक या कमल गट्टे की माला से इन मंत्रों का जाप करने से आर्थिक तंगी हमेशा के लिए दूर हो जाती है:

1. महालक्ष्मी बीज मंत्र

"ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः॥"
ऋद्धि-सिद्धि और धन-धान्य की प्रचुरता के लिए इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।

2. सरल लक्ष्मी मंत्र

"ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥"
यदि बड़ा मंत्र पढ़ने में कठिनाई हो, तो इस अत्यंत प्रभावशाली लघु मंत्र का जाप करें।

3. सुख-समृद्धि मंत्र

"ॐ गणेश ऋणं छिन्धि वरेण्यं हुं नमः फट्॥"
कर्ज से मुक्ति पाने के लिए भगवान गणेश के इस मंत्र का दिवाली की रात जाप करना विशेष फलदायी होता है।

निष्कर्ष

दीपावली का त्योहार केवल बाहरी चकाचौंध का नहीं, बल्कि अपने भीतर की नकारात्मकता को दूर कर ज्ञान और भक्ति का दीपक जलाने का दिन है। यदि आप वर्ष 2026 में पूरी श्रद्धा, शुद्धता और शुभ मुहूर्त का ध्यान रखकर माता लक्ष्मी की आराधना करते हैं, तो आपके घर में साल भर सुख, समृद्धि और शांति का वास रहेगा। आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं!